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'पैरेलल' क्लेम्प क्या है ?


इस प्रकार के क्लेम्प को टूल मेक्स क्लेम्प (Tool Maker's Clamp) भी कहते हैं। इसके बनावट में दो जॉ होते हैं जिनके साथ दो स्क्रू लगे रहते हैं। आगे वाला स्क्रू जॉब को टाइट करता है और पीछे वाला तनाव देता है। ये अधिकतर माइल्ड स्टील या हाई कार्बन स्टील से बनाये जाते हैं।
साइज (Size)- पैरेलल क्लेम्प के जॉ के बीच में अधिक से अधिक जितने साइज का जॉब बांध सकते उसके अनुसार साइज लिया जाता है।
प्रयोग- पैरेलल क्लेम्प का प्रयोग अधिकतर उन पार्ट्स को पकड़ने के लिए किया जाता है जो समानान्तर हुए हों। अधिकतर प्रयोग मार्किंग, ड्रिलिंग, मशीनिंग, सोल्डरिंग, ब्रेजिंग इत्यादि कार्य करते समय दो से अधिक पार्ट्स को क्लेम्प करने के लिए किया जाता है।

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  ( Introduction)- वर्कशाप में जब पार्ट्स का उत्पादन किया जाता है तो कारीगर को पार्ट्स के बेसिक  साइजों को   थोड़ा सा बड़ा या छोटा बनाने की छूट दी जाती है। यह छूट इतनी दी जाती है कि इसमें  पार्ट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। क्योंकि कई कारण ऐसे होते हैं जिनसे पार्ट्स को परिशुद्ध साइज  में नहीं बनाया जा सकता है जैसे सूक्ष्ममापी औजारों की गलती , मशीन सेटिंग की गलती , टूल की  खराबी  आदि के कारण पार्ट्स को बनाते समय साइज में कुछ अंतर आ सकता है। इसके अतिरिक्त  यदि  पार्ट्स  को परिशद्ध माप में बना भी लिया जाए तो समय अधिक लगता है। इसलिए पार्ट्स को  बनाने के लिए  सीमा निर्धारित कर दी जाती है कि पार्ट्स को बेसिक साइज से कितनी सीमा में अधिक  या कम साइज  में बनाया जा सकता है। इससे कारीगर को पार्ट्स  के साइज बनाने में आसानी रहती है  और इस सीमा  में बने पार्ट्स खराब भी नहीं    होते और अपना कार्य भली भांति करते हैं। अत: बेसिक साइज पर स्वीकृत अधिकतम या न्यूनतम जिस सीमा में पार्ट्स के साइज बनाए जा सकते...

हैक्सॉ ब्लेड एवं उसके प्रकार।

हैक्सॉ ब्लेड स्टील की पत्ती होती है। जिसके दोनों सिरों पर एक-एक सुराख(Hole) बना होता है। इसके एक या दोनों किनारों पर 'V' आकार के दांते कटे होते हैं। कार्य के अनुसार ये भिन्न-भिन्न साइजों में पाये जाते हैं। मेटीरियल (Material)–हैक्सॉ ब्लेड को अधिकतर हाई कार्बन स्टील, हाई स्पीड स्टील और लो एलॉय स्टील से बना कर हार्ड व टेम्पर कर दिया जाता है।  हैक्सॉ ब्लेड को उसकी लंबाई, चौड़ाई, मोटाई और पिच के अनुसार पहचान जाता है। प्रकार (Types)- प्राय: निम्नलिखित प्रकार के हैक्सॉ ब्लेड प्रयोग में लाये जाते हैं। 1. फ्लेक्सीबल (Flexible)- इस प्रकार के हैक्सॉ ब्लेड में केवल दांतों वाला भाग को ही हार्ड व टेम्पर किया जाता है और पिन होल व ब्लेड की पूरी बॉडी को साफ्ट व टफ रखा जाता है। इस प्रकार का ब्लेड में झटकों को आसानी से सहन करने कि क्षमता होती है और जल्दी टूटता नहीं है। 2. आल हार्ड (All Hard)- इस प्रकार के ब्लेड में केवल पिन होल को छोड़ कर पूरा ब्लेड हार्ड व टेम्पर कर दिया जाता है। जरा सा झटका लगने से यह ब्लेड टूट सकता है। इसलिए कार्य करते समय ध्यान पूर्वक कार्य करना पड़ता कही...

स्पेनर क्या होता है ? स्पेनर के प्रकार -

स्पेनर क्या होता है ? स्पेनर के प्रकार - जब अस्थाई रूप से फिट किये जाने वाले पुर्जे या पार्ट्स को अधिकतर नट और बोल्ट के द्वारा जोडे जाते हैं। जिनको कसने व ढीला करने के लिए जिस टूल का प्रयोग मे लाया जाता है। उसे स्पेनर (Spanner) कहते हैं। मेटेरियल (Material) - यह कास्ट आयरन, कास्ट स्टील, मीडियम कार्बन स्टील, निकल क्रोम स्टील, क्रोम वेनेडियम स्टील व वैनेडियम एलॉय स्टील से बनाये जाते है। स्पेनर्स को उसके आकार और कार्य के साइज के अनुसार बनाया जाता है। स्पेनर्स का साइज इसके ऊपर लिखा रहता हैं। इसका साइज नट या बोल्ट के हैड के साइज के अनुसार  रहता है। जैसे - सिंगल एण्डिड स्पेनर 20 मि.मी. का है तो यह स्पेनर नट या बोल्ट के 20 मि.मी. के हैड पर ही प्रयोग में लाया जा सकता है।   स्पेनर के प्रकार(Types of spanners) 1. सिंगल ऐण्डिड स्पेनर (Single Ended Spanner)-  इस प्रकार के स्पेनर का एक ही मुंह होता है जो कि एक निश्चित साइज में बना होता है। इस स्पेनर का प्रयोग केवल एक साइज के नट व बोल्ट को ढीला करने व कसने के लिए किया जाता है। 2. डबल ऐण्डिड स्पेनर (Double Ended Spanner)...